BTSC ANM 10709 New Update 2026 : BTSC ANM 10709 भर्ती (2024-2026) के लिए एक ताजा अपडेट जारी हुआ है जिसमें छात्र हित में कुछ अच्छी जानकारी बताई जा रही है आप लोग को पता होगा कि बिहार एएनएम 10709 भर्ती में छात्राओं का केस अभी भी कोर्ट में चल रहा है जिसकी अंतिम सुनाई 20 जनवरी को हुआ था l

जिसमें नई बहाली प्रक्रिया के बीच में नियम बदलने के मुद्दे पर कोर्ट में बहस हुई थी कोर्ट ने 2024 में विज्ञापन के ही आधार पर नियुक्ति करने की आदेश जारी किए थे ।
BTSC ANM 10709 Letest Update 2026
अप्रैल के अंत में भी केस पर गंभीर रूप से चर्चा रही है। हालांकि पिछले 6 अप्रैल की सुनवाई डाल दी गई थी कोर्ट के तरफ से एएनएम 10709 की मामला सुप्रीम कोर्ट में है। जहां क्वालिफाइड एएनएम अपनी जीत सुरक्षित करने के लिए वरिष्ठ वकील को अपने पक्ष के साथ जोड़ने का विचार व्यक्त किया था।
मुख्य मुकाबला मेरिट और संविदा कर्मियों को अनुभव के आधार पर अंतरिक अंक प्राप्त के बीच है। विभाग के तरफ से नई लिस्ट जारी होने की सूचना आ रही है।
Anm 10709 bharti प्रक्रिया में किनको ज्यादा लाभ होगा
नई नियमावली के अनुसार एएनएम 10709 भर्ती प्रक्रिया में anm के जितने भी छात्राएं हैं उन लोगों को इसमें काफी लाभ होने की आशंका जताई जा रही है अब अगली सुनाई पर ही पता चल सकता है कि AI की जो छात्राएं हैं जिनको ज्यादा लाभ होंगे या संविदा कर्मियों वाले छात्राएं हैं उनका लाभ होने वाला है यह पता चलेगा अगले सुप्रीम कोर्ट की जो सनी होगा उसमें की किन को ज्यादा लाभ होने वाले हैं
अगली सुनाई तिथि कब की है
छात्रों के मन में पिछले वर्षों से एक ही सवाल मन में चल रहा है कि कब तक सुनवाई होगी क्योंकि देखिए एग्जाम लिए हुए विभाग की तरफ से काफी दिन हो गए काफी दिन क्या कहा जाए वर्षों वर्षों हो गए लेकिन अभी तक कोर्ट के तरफ से छात्राओं के हित में संतोष जनक एक भी फैसला नहीं सुना गए जिससे एएनएम की तैयारी करने वाली छात्राएं में काफी निराशाजनक सुविधा देखने को मिल रही है
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government had implemented the changed provisions in 2023
गौरतलब है कि सरकार ने 29 सितंबर 2023 को नए सर्विस कंडीशंस रूल्स के तहत ANMs के सेलेक्शन के लिए बदले हुए नियम पेश किए हैं। नए सर्विस रूल्स के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक लेटर जारी करके कहा है कि 60 परसेंट से ज़्यादा मार्क्स अब कॉम्पिटिटिव एग्जाम के ज़रिए लाने होंगे।
What was the petitioner’s training ?
वकील अभिनव श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच के फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि किसी केस के बीच में खेल के नियम नहीं बदले जा सकते। इस तरह का मनमाना तरीका संविधान के खिलाफ है। हाई कोर्ट ने तथ्यों पर विचार करने के बाद याचिका मंजूर कर ली।
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